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वर्टिगो असेसमेंट में क्या शामिल होता है?

Man assists woman wearing VR headset in an office. Background shows certificates and a poster titled "Anatomy of the Ear." Neutral mood.

वर्टिगो केवल चक्कर आना नहीं है—यह एक विशेष प्रकार का घूमने या असंतुलन का अनुभव है, जो अक्सर कान के अंदरूनी हिस्से (वेस्टिबुलर सिस्टम) या मस्तिष्क से जुड़ा होता है। सही कारण जानने के लिए विस्तृत और व्यवस्थित जाँच ज़रूरी होती है।


1. विस्तृत केस हिस्ट्री

  • कब और कितनी बार वर्टिगो होता है

  • साथ में आने वाले लक्षण: उल्टी, मतली, कान में आवाज़ (टिनिटस), सुनने में कमी, असंतुलन

  • ट्रिगर: सिर घुमाना, पोज़िशन बदलना, तनाव, संक्रमण

  • पिछला मेडिकल इतिहास: माइग्रेन, कान का संक्रमण, हृदय रोग


2. शारीरिक जाँच

  • चलने और खड़े होने की स्थिति का निरीक्षण

  • न्यूरोलॉजिकल जाँच: नसों का कार्य, समन्वय, रिफ्लेक्स

  • कान की जाँच: ओटोस्कोपी से संक्रमण या वैक्स की समस्या देखना


3. विशेष क्लिनिकल टेस्ट

  • डिक्स-हॉलपाइक टेस्ट: BPPV (Benign Paroxysmal Positional Vertigo) की पहचान

  • हेड इम्पल्स टेस्ट: वेस्टिबुलर कमजोरी का पता लगाना

  • निस्टैग्मस असेसमेंट: आँखों की अनैच्छिक हरकतों की जाँच

  • टेस्ट ऑफ स्क्यू: आँखों की वर्टिकल मिसअलाइनमेंट की जाँच


4. ऑडियोलॉजिकल जाँच

  • प्योर टोन ऑडियोमेट्री (PTA): सुनने की क्षमता मापना

  • स्पीच ऑडियोमेट्री: बोलने की स्पष्टता समझना

  • टिम्पैनोमेट्री: मिडिल ईयर की कार्यप्रणाली देखना

  • OAE और BERA: कान और नसों की कार्यप्रणाली की जाँच


5. विस्तृत वेस्टिबुलर टेस्टिंग

  • Videonystagmography (VNG): आँखों की हरकत रिकॉर्ड करके सूक्ष्म निस्टैग्मस का पता लगाना

  • Cranio-Oculography (COG टेस्ट): आँखों की मूवमेंट और बैलेंस कंट्रोल की जाँच

ये टेस्ट उन सूक्ष्म समस्याओं को पकड़ते हैं जो सामान्य जाँच में छूट सकती हैं।


6. इमेजिंग और लैब टेस्ट (ज़रूरत पड़ने पर)

  • MRI/CT स्कैन: स्ट्रोक या ट्यूमर जैसी केंद्रीय समस्याओं को बाहर करना

  • ब्लड टेस्ट: मेटाबॉलिक या वास्कुलर कारणों की जाँच


7. बैलेंस टेस्टिंग

  • रोमबर्ग टेस्ट: आँखें बंद करके खड़े होने की क्षमता

  • गेट एनालिसिस: चलने का पैटर्न देखना

  • कंप्यूटराइज्ड पोस्टुरोग्राफी: उन्नत बैलेंस जाँच


क्यों ज़रूरी है?

वर्टिगो असेसमेंट केवल चक्कर की पुष्टि नहीं करता, बल्कि उसके असली कारण को पहचानता है। इससे यह तय होता है कि इलाज कान से जुड़ी समस्या का होगा या मस्तिष्क से जुड़ी समस्या का।


Unicare Speech and Hearing Clinic: वर्टिगो के लिए विशेष केंद्र

दिल्ली स्थित Unicare Speech and Hearing Clinic वर्टिगो असेसमेंट और रिहैबिलिटेशन के लिए एक विशेषीकृत केंद्र है। यहाँ अनुभवी ऑडियोलॉजिस्ट और मल्टीडिसिप्लिनरी टीम द्वारा:

  • साक्ष्य-आधारित डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल

  • उन्नत टेस्टिंग (VNG और COG टेस्ट सहित)

  • व्यक्तिगत रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम

  • रोगी-हितैषी काउंसलिंग और शिक्षा

प्रदान की जाती है। यही कारण है कि Unicare वर्टिगो से राहत पाने के लिए एक विश्वसनीय स्थान है।


 
 
 

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